Author Archive
Juthika Roy Shikhar Samman : News Coverage
by pavanjha on Apr.21, 2010, under Artists, Events, General, Press, Special Events
जीवंत हुआ आजादी का पहला सुर
[Original Source : http://www.bhaskar.com/2010/04/19/yuthika-rai-in-jaipur-886683.html]
देश की आजादी की पहली सुबह 15 अगस्त, 1947 को आकाशवाणी से पहली देशभक्ति रचना गाने वाली लिविंग लीजेंड यूथिका रॉय रविवार को शहर के संगीत प्रेमियों से रूबरू हुईं। उनका यह कार्यक्रम सुर यात्रा की ओर से इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। पहले सुर को सुनने के लिए संगीत रसिक कार्यक्रम के निर्धारित समय 7 बजे से पहले ही ऑडिटोरियम में पहुंच गए।
हालांकि नब्बे वर्षीय जीवित किंवदंती रॉय को संगीत रसिक हर हालत में सुनने को आतुर थे। यही वजह रही कि एक घंटे से भी अधिक का समय लोगों ने बड़े ही धर्य से बिता दिया। रात ठीक 8 बजे सफेद साड़ी में यूथिका रॉय ऑडिटोरियम में आईं तो लोगों ने खड़े होकर संगीत जगत की इस अजीम शख्सियत का स्वागत किया। इस दौरान उन्हें संस्था की ओर से शिखर यात्रा सम्मान भी दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत शहर की युवा गायिका सुप्रिया के गायन से हुई। सुप्रिया ने यूथिका के गाए पग घूंघरू बांध मीरा नाची, मेरे तो गिरधर गोपाल और म्हाने चाकर रखो जी सहित कई लोकप्रिय भजन सुनाए। बाद में यूथिका रॉय ने भी कुछ रचनाएं गाकर श्रोताओं की जिज्ञासा को शांत किया। इससे पूर्व दोपहर में यूथिका रॉय राजस्थान प्रौढ़ शिक्षण समिति के सभागार में लोगों से रूबरू हुईं।
उन्होंने अतीत के कई यादगार लम्हे लोगों को सुनाए। उन्होंने कहा, आज का दिन मेरे लिए बेहद यादगार है। जयपुर में पहली बार आना हुआ है और ऐसे में अपने अतीत को याद करना तो और भी रोमांचित कर रहा है।
‘गांधीजी तो दीवाने हैं आपके गाने के’
सन् 1945 में हैदराबाद में एक बार किसी जमींदार ने उनसे कहा कि सरोजिनी नायडू आपका गाना सुनना चाहती हैं। मैंने कहा चलिए, वहां जाकर उनसे मुलाकात की और उन्हें गैर- फिल्मी गीत और भजन सुनाए। इस दौरान सरोजिनी ने मुझसे कहा, गांधीजी तो आपकी गायिकी के दीवाने हैं। इसके बाद गांधीजी से मिलने की इच्छा जाग्रत हुई तो कोलकाता चली आई, वहां पर गांधीजी अपने अनुयाइयों के साथ आए हुए थे।
मैं अपने परिवार के लोगों के साथ उनसे मिलने गई पर सफलता नहीं मिली। अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। भीगने से बचने के लिए हमने दरवाजा खटखटाया तो आभा गांधी ने दरवाजा खोला और पूछा किससे मिलना है। मैंने कहा मेरा नाम यूथिका रॉय है, मुझे बापू से मिलना है। इतना कहने पर उन्होंने मुझे अंदर बुलाया और कहा सामने वाले कमरे में गांधीजी हैं, जाइए मिल लीजिए। यहां पर मैंने गांधी को अपने प्रिय भजन ‘पग घुंघरु बांध मीरा नाची थी..’ व ‘घर आयो प्रीतम प्यारा..’ सुनाया। उन्होंने मेरे सर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और कहा तुम बहुत ही अच्छा गाती हो।
खत्म हो गए प्यार के दो पल
बीते जमाने को याद करते हुए उन्होंने कहा, पहले का जमाना अलग था। लोगों के दिलों में जज्बात धड़कते थे। एक-दूसरे से कंधे से कंधा मिलाकर चलते थे। उनके चलने- बोलने और बात करने का तरीका भी कुछ अलग हटकर हुआ करता था, इसलिए उनमें प्यार झलकता था। आजकल यह प्यार खत्म हो गया है।
Juthika Roy Shikhar Samman : Function in Pics
by pavanjha on Apr.21, 2010, under Artists, Events, General, Special Events
The report will follow soon but here are some pics.
Juthika Roy SurYatra Meet
by pavanjha on Apr.20, 2010, under Artists, Events, General, Meeting, Special Events
April 18, 2010 was a memorable day for many music lovers of vintage music, the people of Jaipur and ofcourse all Sur Yatri’s as they spent the day with the living legend Juthika Roy and celebrated her 91st birthday with her. The detailed report of morning SurYatra meet and evening function will be posted soon. In the meantime, have a look at the pics of the two events.
Juthika Roy Shikhar Samaan : Invitation
by pavanjha on Apr.11, 2010, under Artists, Events, General, Non Film
You are cordially invited to
Juthika Roy
Shikhar Samman Samaroh
at
Panchayati Raj Sansthan Sabhagar
Near Jawahar Kala Kendra, JLN Marg, Jaipur
on
Sunday April 18, 2010 7.00 PM
[The Invitation Card is attached herewith. Please click on the images to view it]
Honouring Juthika Roy
by pavanjha on Mar.28, 2010, under Artists, General, Regional Music, Special Events
Juthika Roy, one of the last living legends of Vintage era of Indian Music, is completing 90 years next month on April 20, 2010. To commemorate her 90th birthday, we (our local group Suryatra) have invited her to Jaipur and organizing a function to honour her on Sunday April 18, 2010 at Jaipur. We have also invited Sh. Rajni Kumar Pandya (famous journalist of Gujarat who has written a book on Juthika ji and made a documentary on her) and Yunus Khan, the popular voice of Vividh Bharti to host the proceedings.

Juthika Roy
The morning session will be a meet and an interactive session with Juthika ji while the evening function will feature performances by Local Artists of Juthika ji’s bhajans and songs, screening of excerpts from the documentary on her, Yunus khan will have interactive talk session on stage with her and later her performance (she said whatever she can sing at this age) and honouring ceremony.
While we will be posting a formal and final invitation later, this is just for information, just in case you want to attend the function and plan in advance.
Looking forward to your participation!
सदियों मे एक… आशा (Sadiyon me ek… Asha, A new book)
by pavanjha on Dec.25, 2009, under Artists, Books, Special Events
देश के विख्यात रिकार्ड संग्राहक सुमन चौरसिया, संगीतप्रेमियों के लिये अपनी नई सौगात के साथ हाज़िर हैं। सदियों मे एक… आशा ये नाम है उनकी नई पेशकश का, जो अजातशत्रु की कलम से निकली आशा भोसले के गाये 177 मधुर गीतों का संकलन और आकलन संजोये हुए है।
पुस्तक का विमोचन समारोह मुंबई में 26 दिसम्बर को आयोजित किया जा रहा है। विमोचन समारोह में गुज़रे और आज के ज़माने के कई नामी संगीतकार और कलाकार शामिल होंगे जिनमें दिलीप ढोलकिया, यशवन्त देव, मधुबाला झवेरी, कौमुदिनि मुंशी, सुधा मल्होत्रा, उषा मंगेशकर, रवि, रविन्द्र जैन, नक़्श लायलपुरी, केर्सी लॉर्ड, मनोहारी सिंह, किशोर देसाई, नलिनी जयवन्त, शकीला, रूप कुमार-सोनाली राठौर के नाम शामिल हैं।
सुमन चौरसिया इससे पूर्व पिछले वर्ष लता जी के अस्सीवें जन्मदिन पर अजातशत्रु द्वारा लिखित “बाबा तेरी सोन चिरैया” नाम की पुस्तक प्रकाशित कर चुके हैं, जिसमें लता जी के 80 संगीतकारों के साथ गाये 80 दुर्लभ गीतों की मीमांसा की गई है।
सदियों में एक… आशा, सुमन जी द्वारा स्थापित लता दीनानाथ मंगेशकर ग्रामोफोन रेकार्ड संग्रहालय की नवीन प्रस्तुति है। 604 पृष्ठों की इस पुस्तक का मूल्य 1200 रू. रखा गया है।
सुरयात्रा की ओर से सुमन चौरसिया को उनकी इस उपलब्धि पर ढेर सारी शुभकामनाएं एवं बधाई!
