Archive for January, 2009
सुरयात्रा : पड़ाव 27 [Suryatra 27th Meeting]
by pavanjha on Jan.19, 2009, under Meeting
Suryatra 27th Meeting
Date : 18 January 2009
Place : Jawahar Kala Kendra, Jaipur
जाड़े की एक सुरीली सुबह! जनवरी की अट्ठारह तारीख़! साल 2009 के कैलेंडर वर्ष में सुरयात्रियों की पहली मुलाकात.. कुछ नये चेहरे, और बहुत से पुराने लोग जाड़े की इस सुरीली सुबह में नयी ऊर्जा और नयी चमक लिये हुए… जवाहर कला केन्द्र के प्रांगण में सुरयात्रा की एक और गोष्ठी..
खास मेहमान थे इन्दौर से पधारे सुमन चौरसिया जी, जो सुरयात्रा में पहले भी शामिल हो चुके हैं. मगर इस बार हाज़िर थे उनकी कुछ नयी उपलब्धियों के साथ. लता जी को समर्पित उनकी नयी किताब “बाबा तेरी सोन-चिरय्या” जिसे उन्होने श्री अजातशत्रु के साथ तैयार किया है. श्री अजातशत्रु ने किताब में 80 संगीतकारों के साथ लता जी के 80 गीतों का खूबसूरत विश्लेषण प्रस्तुत किया है।
गोष्ठी की शुरुआत कुन्नु भाई की स्मृति में दो मिनट का मौन रख के की गई। कुन्नु भाई जिनका हाल ही में निधन हो गया था, सुरयात्रा के सदस्यों ने उनके साथ बांटे गये लम्हों को फिर से याद किया।
सुरयात्रा के इस पड़ाव पर कुछ नये हमराही इस यात्रा में शामिल हुए, जिनके परिचय के बाद गोष्ठी अपने पारंपरिक रूप में प्रारम्भ हुई। सुमन जी का स्वागत सुरयात्रा के नवीनतम सदस्य डा. डी. पी अग्रवाल ने किया। इसके बाद सुमन जी ने अपने संग्रहालय की जानकारी दी और किताब के बारे में विस्तार से बताया। उनके रिकार्ड संग्रह में जो कुछ गिने चुने रिकार्ड नहीं हैं, उसमें वसंत देसाई के संगीत निर्देशन की फ़िल्म मंदिर प्रमुख है, जिसकी तलाश में वे आजकल जुटे हुए हैं।
